जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा 2020 पर आशंका के बादल, महामारी से घट सकता है उत्साह

भक्ति

विश्वप्रसिद्ध ओडिशा की भगवान जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा को लेकर भी आशंका के बादल मड़रा रहे हैं। लोगों को लग रहा है कोरोना का प्रकोप यदि इसी तरह से चलता रहा तो सदियों पुरानी रथ यात्रा परंपरा की रौनक फीकी पड़ सकती है।

केंद्रीय मंत्री प्रताप सारंगी ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा का स्वरूप और पैमाने तय करने से पहले पुरी के शंकराचार्य, गजपति महाराज और अन्य के साथ परामर्श जरूर किया जाए।

मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में, सारंगी ने प्रकोप से निपटने में ओडिशा सरकार के प्रयासों की सराहना की, जिसमें कहा गया कि राज्य भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है।

23 जून 2020 से शुरू होगी रथ यात्रा
एमएसएमई और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री सारंगी ने पत्र में कहा कि 23 जून 2020 से शुरू होने वाली रथ यात्रा भी इस प्रकोप से जन-उत्साह के स्तर और भागीदारी के पैमाने पर प्रभावित होने वाली है। ओडिशा के वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि मेरा मानना है कि प्रतिबंधों के बीच सभी के मन और भावना की एकता को दर्शाते हुए त्यौहार को सदियों पुरानी दिव्य परंपराओं के अनुसार आयोजित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन को गोवर्धन पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य, गजपति महाराज, मुक्ति मंडप के विद्वानों, दैतपति, मंदिर के सेवादारों और अन्य लोगों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करना चाहिए।

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