उत्तराखंड में उद्योगों को लगी 40 हजार करोड़ रुपये की चपत, नहीं मिलती छूट तो और बढ़ जाता नुकसान

उत्तराखंड

राज्य में 32 दिन के लॉकडाउन की वजह से उद्योगों को चालीस हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। औद्योगिक गतिविधियों को शुरू करने में सरकार मदद नहीं देती तो आने वाले दिनों में नुकसान बढ़ने का खतरा है। 

पीएचडी चेंबर ऑफ कामर्स के रीजनल डायरेक्टर अनिल तनेजा ने बताया कि पिछले दो महीनों में राज्य के उद्योगों को तकरीबन चालीस हजार करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इसमें से 22 हजार करोड़ अकेले टूरिज्म सेक्टर का है।

यदि सरकार की ओर से उद्योगों को शुरू करने में मदद नहीं दी जाती तो आने वाले समय में यह नुकसान और बढ़ने का खतरा है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर को लम्बे समय तक बने रहने के लिए तकनीकि का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। 

सीआईआई उत्तराखंड चैप्टर के चेयरमैन अशोक विंडलास ने भी कहा कि लॉकडाउन की वजह से राज्य में सभी औद्योगिक गतिविधियां बंद हो गई। चालीस हजार करोड़ से अधिक के नुकसान का अनुमान है। सरकार जल्द से जल्द उद्योगों के लिए पैकेज घोषित करे।

जिससे उद्योग नए सिरे से खड़े हो सकें। सरकार को बाजार में लिक्विडिटी बढ़ानी चाहिए ताकि औद्योगिक विकास को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि दुनियां के तमाम देशों में उद्योगों के लिए पैकेज आ चुके हैं। लेकिन देश में अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। 

सख्ती नहीं सहयोग से चलेंगे उद्योग 
सीआईआई उत्तराखंड चैप्टर के चेयरमैन अशोक विंडलास ने कहा कि सरकार ने लॉकडाउन छूट में उद्योगों को शुरू करने की इजाजत तो दी है। लेकिन उनके ऊपर इतनी शर्तें थोपी गई हैं कि उनके लिए काम करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सरकार को उद्योगों पर सख्ती करने की बजाए

उनकी मदद करनी चाहिए। ताकि मुश्किल हालातों का सामना कर रहे उद्योग आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि जरा जरा सी बातों पर उद्योगों के खिलाफ मुकदमें होने से उद्योग खुल ही नहीं पाएंगे और हालात और खराब होने का अंदेशा है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को कोरोना बचाव के लिए तैयार करे और सख्ती की बजाए उन्हें सहयोग व सहारा दिया जाए। 

टैक्स, ब्याज माफ करे सरकार 
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने सरकार से टैक्स और ब्याज माफी के साथ ही कर्मचारियों के वेतन के लिए पैकेज देने की मांग की।

कहा कि उद्योग पूरी तरह से बंद हैं। ऐसे में तत्काल टैक्स और लोन के ब्याज को कुछ समय के लिए माफ किया जाना चाहिए। बिजली के फिक्स जार्च माफ किए जाएं और पानी के कॉमर्शियल बिल न लिए जाएं।

एक अप्रैल से डीए बढ़ोतरी को फ्रीज किया जाए और बोनस की बाध्यता को खत्म किया जाए। मजदूरों की वापसी के लिए भी सरकार से कार्य योजना तैयार करने को कहा है। 


पर्यटन सेक्टर को उबारने के लिए करने होंगे बदलाव  
पीएचडी चेंबर ऑफ कामर्स के चेयरमैन टूरिज्म, हेमंत कोचर कहते हैं टूरिज्म सेक्टर को कोरोना के प्रभावों से बचाने के लिए कुछ बदलाव जरूरी हो गए हैं। होटल, रेस्टोरेंट, एयरलाइंस और अन्य सभी पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को कोरोना की वजह से लंबे समय तक बंद नहीं किया जा सकता।

उन्होंने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट में कोरोना से बचाव के लिए टूरिस्ट की स्क्रीनिंग के साथ समान को चेक करने और सेनेटाइज करने की व्यवस्था बनानी होगी। इस इंडस्ट्री को वासिंग एरिया बढ़ाना पड़ेगा। टूरिज्म सेक्टर को खुद को बदलना होगा। बदलाव जितनी जल्दी होंगे, उतनी ही जल्दी इसे उभारा जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *