कोरोना की जंग में तैनात लैब टेक्नीशियनों ने अस्पतालों में भूखे पेट किया काम, अधूरी मांगों से हैं नाराज

उत्तराखंड नोकरी राजनीति

सरकारी लैब टेक्नीशियनों ने विभिन्न मांगों को लेकर कोविड-19 सेंटर में प्रदर्शन किया। लैब टेक्नीशियनों ने कहा कि जल्द उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने प्रदर्शन के बाद पूरे दिन भूखे रहकर काम किया।

शुक्रवार को मेला अस्पताल स्थित कोविड-19 सेंटर में लैब टेक्नीशियनों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

उत्तराखंड लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के जिला अध्य्क्ष महावीर चौहान ने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य लगातार मांगो को लेकर उनकी उपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैडर रिव्यू, एसीपी, रिक्त पदों में नियुक्ति समेत लैब टेक्नीशियनों की विभिन्न मांगे लंबित पड़ी है।

ऊपर से फ्रंट लाइन कर्मचारी होने के बावजूद भी उनके एक दिन के वेतन की कटौती की जा रहा है। महावीर सिंह ने कहा कि यही कारण है कि लैब टेक्नीशियन आज प्रदर्शन और भूखे रहकर काम करने को मजबूर हैं।

एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष पंकज वर्मा और जिला सचिव अरविंद सैनी ने कहा कि आज संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने सीएमओ डॉ. एसके झा के बुलाने पर उनसे वार्ता की थी।

उन्होंने कहा कि सीएमओ ने लैब टेक्नीशियनों को एसीपी के लाभ के लिए विभागीय अधिकारियों को आदेशित किया है। उन्होंने कहा कि अन्य मांगों पर उन्होंने निदेशालय स्तर पर वार्ता का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि सभी मांगो पर सहमति बने बिना वे चरणबद्ध आंदोलन वापस नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि शाम को स्वास्थ्य महानिदेशक से प्रांतीय पदाधिकारियों की वार्ता के बाद आंदोलन की आगे की रणीनीति तय की जाएगी।

वहीं सिविल अस्पताल रुड़की में एसोसिएशन के जिला सचिव अरविंद सैनी के नेतृत्व में लैब टेक्नीशियनों ने प्रदर्शन किया। लैब टेक्नीशियनों ने उपवास रखते हुए पीपीई किट पहनकर काम किया।

प्रदर्शन करने वालों में पवन कश्यप, संजय चंदसौर्या, उमेश सैनी, प्रदीप मौर्या, सारिका चौहान, आशा शर्मा, अनुपाल, हेमंत बोरा, कुंती सिसोदिया, नितिन शर्मा, उपेंद्र पंवार, अजय मौर्या, प्रकाश रावत, जितेंद्र रावत, नरेंद्र पाल चौहन, उमेश वर्मा आदि लैब टेक्नीशियन शामिल रहे।

प्रदेश महामंत्री मनोज मिश्रा ने कहा कि जान जोखिम में डालकर चार माह से कोरोना मरीजों के सैंपल ले रहे हैं। मगर, लैब टेक्नीशियन को जोखिम भत्ता तक नहीं मिल रहा है। उन्होंने कोरोना काल में वेतन कटौती का भी विरोध किया।

डॉक्टरों ने दिया समर्थन 
प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने लैब टेक्नीशियन की मांगों का समर्थन किया। प्रदेश महासचिव डॉ. मनोज वर्मा ने स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर मांगों पर कार्रवाई का अनुरोध किया है। 

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