लॉकडाउन में महंगी हो गई मोबाइल एसेसरीज, 50 से 70 तक दामों में उछाल

व्यापार

कोरोना संक्रमण के चलते लागू लॉकडाउन के बाद अनलॉक-वन मोबाइल बाजार खुला तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। किसी के मोबाइल की टच खराब थी तो किसी की बैटरी या चार्जर खराब था।

ऐसे में जब दुकान पर लोग मोबाइल लेकर पहुंचते हैं तो पता चलता है कि कोरोना वायरस का असर मोबाइल रिपयेरिंग और एसेसरीज पर भी पड़ गया है।

चीन से माल की सप्लाई नहीं होने से घरेलू बाजार में मोबाइल और एसेसरीज के दामों मे 50 से 70 फीसदी तक बढ़ गये हैं। नगर क्षेत्र में 40 से अधिक मोबाइल की दुकानें, शोरूम और कई चाइनीज मोबाइल कंपनियों के सर्विस सेंटर हैं।

यहां शहर के अलावा यूपी सीमा से लगे कस्बों के लोग भी मोबाइल खरीदारी, रिपेयरिंग को आते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते चाइनीज एसेसरीज की कमी होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सर्विस सेंटर हो या फिर मोबाइल रिपेयरिंग की दुकानें सभी ने मोबाइल एसेसरीज पर 50 से 70 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। यही नहीं मोबाइल तक दामों पर दो से तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है।

बताया जाता है बाजार में जिस मोबाइल की बैटरी के दाम लॉकडाउन से पहले 500 रुपये थे वह अब 800 से 900 रुपये में मिल रही है। यही हाल मोबाइल डिस्प्ले फोल्डर का है, जो तीन महीने पहले दो हजार रुपये का था वह अब 35 सौ रुपये में मिल रहा है।

जो मोबाइल पहले दस हजार रुपये का था वह अब 13 हजार का हो गया है। नई सब्जी मंडी स्थित चेतन मोबाइल वर्ल्ड के स्वामी चेतन अरोरा बताते हैं कोरोना संक्रमण के चलते मोबाइल बाजार में काफी उछाल आ गया है।  

इसकी मुख्य वजह यह है कि देश में मोबाइल का होम प्रोडक्शन नहीं होता है। चीन से एसेसरीज मंगाकर यहां स्थापित कंपनियां असेंबल करती हैं। वहां से माल नहीं आएगा तो स्वत: ही दाम बढ़ेंगे।

सर्विस सेंटरों का भी है बुरा हाल
सूत्रों की मानें तो चाइनीज मोबाइल कंपनियों के सर्विस सेंटरों का भी बुरा हाल है। क्योंकि उनके यहां भी मोबाइल एसेसरीज पूरी नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में दर्जनों लोगों के मोबाइल सर्विस सेंटरों पर पड़े हैं। बताया अधिकांश लोगों को मोबाइल डिस्पलै की परेशानी होती है लेकिन कई सेंटरों में तो डिस्पले तक उपलब्ध नहीं है।  

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