उधम सिंह नगर में जन्मदिन की तैयारियों के बीच ताऊ ने दो साल के मासूम को दी मौत की सजा

उत्तराखंड

टॉफी दिलाने की जिद पर ताऊ ने दो साल के मासूम भतीजे को घर की दहलीज पर पटक दिया। गंभीर हालत में मासूम को रुद्रपुर में भर्ती कराया गया।

तीन दिन तक इलाज के बाद उसे बरेली राममूर्ति रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने पूर्व में दी गयी तहरीर पर आरोपी ताऊ पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था, जिसे हत्या में तरमीम किया जा रहा है।

आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। गूलरभोज के गांधी आश्रम के पीछे वार्ड पांच निवासी मनीष सक्सेना के दो वर्ष के बेटे उमंग को बीते गुरुवार देर शाम उसका ताऊ कमल टॉफी दिलाने ले गया।

टॉफी दिलाकर घर लौटा तो उमंग ताऊ से और टॉफी दिलाने की जिद करने लगा। इससे झल्लाये कमल ने आवेश में आकर घर की दहलीज पर ही मासूम को पटक दिया।

बेहोशी की हालत में उमंग को उसके परिजन तुरंत रुद्रपुर निजी अस्पताल ले गए। तीन दिन तक चले इलाज के बाद भी जब उमंग को होश नहीं आया तो उसको रविवार को बरेली के लिए राममूर्ति अस्पताल रेफर कर दिया। बरेली ले जाते वक्त देर रात मासूम ने रास्ते में दम तोड़ दिया। 

चौकी प्रभारी जगदीश चंद्र तिवारी ने बताया कि मनीष की तहरीर पर कमल पुत्र सुरेश चंद्र पर बच्चे की मौत से पहले ही हत्या के प्रयास के तहत 307 का मुकदमा दर्ज कर हिरासत में लिया गया है। अब बच्चे की मौत के बाद आरोपी पर हत्या की धारा 302 के तहत मुकदमा तरमीम करने की तैयारी चल रही है। 

घर में चल रही थीं बर्थडे की तैयारियां
गूलरभोज। ताऊ की एक गलत करनी ने सक्सेना परिवार की सारी खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। जिस मासूम के जन्मदिन की तैयारियां परिवार जोर-शोर से कर रहा था, उसे ही ताऊ की करतूत ने छीन लिया। 

जानकारी के अनुसार सुरेश चंद्र सक्सेना उनके दोनों बेटे कमल, मनीष समेत पूरा परिवार एक साथ ही रहता है। मनीष और कमल दोनों ही टेलरिंग का काम करते हैं।

दोनों ही शादीशुदा हैं। बड़े बेटे कमल का एक बेटा है, जबकि मनीष का भी दो साल का मासूम बेटा उमंग था। परिजनों के अनुसार घर में सबसे छोटा होने के कारण उमंग सबका दुलारा था।

यहां तक कि ताऊ कमल भी उसे खासा दुलार करता था। गुरुवार की शाम काम से लौटने के बाद कमल खुद ही उमंग को टॉफी दिलाने के लिये लेकर गया था। लेकिन दोबारा टॉफी की जिद उसे इतनी नागवार गुजरी कि उसने मासूम को पटक दिया।

परिजनों ने बताया कि उमंग अभी दो साल का नहीं हुआ था। दस जुलाई को उसका दूसरा जन्मदिन मनाने की तैयारी थी, जिसके लिये मां पूनम ने आस-पड़ोस और मायके से भी परिजनों को न्योता भेज दिया था।

लेकिन, कमल के चंद सेकंड के गुस्से ने न सिर्फ पूनम, बल्कि पूरे परिवार के अरमानों की जान ले ली। मां पूनम का अब रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि दादा सुरेश चंद्र गुमसुम हैं। पिता मनीष भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। वह हर वक्त उस पल को कोसते हैं, जब उन्होंने बच्चे को टॉफी लेने ताऊ के साथ जाने दिया।

पहले भी करता रहा है मारपीट
परिजनों के अनुसार कमल आये दिन नशे में परिजनों के साथ  मारपीट करता रहता है। कई बार पुलिस से शिकायत के बाद भी वह हरकतों से बाज नहीं आया। घटना वाले दिन भी वह ऐसी ही झगड़े वाली हरकतें कर रहा था।  

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