नेपाल के पेंशनर्स भारत आकर नहीं निकाल पा रहे हैं पेंशन, जानें वजह

उत्तराखंड देश

मानसून में भारी बारिश की वजह से नेपाल से आने वाले पेंशनर्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश की वजह से भी भारत नेपाल सीमा में बने बैंकों से पेंशन नहीं निकाल पा रहे हैं।

 गुरुवार को सिर्फ 132 पेंशनर्स ने भारत आकर बैंक से पेंशन निकाल कर वापस स्वदेश लौट गए। मौसम खराब होने और लगातार मूसलाधार बारिश होने की वजह से कंचनपुर से करीब 2000, बैतरी से करीब 700 और धारचूला (नेपाल) से करीब 800 पेंशनर्स पेंशन नहीं निकाल सके।

इससे पहले, कोविड-19 की वजह से लागू मार्च महीने में लागू लॉकडाउन की वजह से पेंशनर्स पेंशन नहीं निकाल पाए हैं। गौरतलब है कि बुधवार को पश्चिमी नेपाल से पेंशनर्स भारत पेंशन लेने नहीं आ सके।

करीब 86 पेंशनर्स झूलाघाट और 51 पेंशनर्स ने धारचूला में पेंशन निकाली लेकिन मौसम खराब होने की वजह से वह वापस नहीं लौट सके। 

बताया कि पेंशन निकालने से पहने पेंशनर्स को मेडिकल जांच के गुजरना पड़ता है, जिसके बाद ही उन्हें पेंशन निकालने के लिए बैंक भेजा जाता है। 

पश्चिमी नेपाल के बैतरी जिले के रहने वाले 62 वर्षीय महादेव भट्ट कहते हैं कि कोरोना की वजह से बॉर्डर क्रॉस करने से पहने मेडिकल जांच की जाती है। बताया खराब मौसम की वजह से पेंशनर्स को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है।  

अपने पिता के साथ पेंशन लेने पहुंचे प्रेम चंद कहते हैं कि भारी बारिश और फिसलन होने की वजह से बुजुर्ग पेंशनर्स को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है।

गौरतलब है कि झूलाघाट में दूसरे दिन झुलापुल खुलते ही नेपाल के पेंसनरों भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया और लंबे समय से पेंशन नहीं ले पाने के कारण हो रही दिक्कत से उन्हें राहत मिलेगी।

बता दें कि लॉकडाउन के कारण पिछले तीन माह से भी अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय सीमा सील होने के कारण भारतीय क्षेत्र से पेंशन लेने वाले लोग पेंशन नहीं ले लाए थे।

भारत सरकार की पहल पर नेपाल ने तीन दिन पेंशनर्स के लिए झूला पुल खोलने पर सहमति जताई। हालांकि बुधवार को नेपाल ने दो घंटे की देरी से झूलापुल खोला था। जिसकी सीमा के दोनों और निंदा हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *