विश्वविद्यालय की परीक्षाएं नहीं दे पाएं तो न हो निराश, मिलेगा मौका

उत्तराखंड

कोरोना संकट के बीच अगले माह प्रस्तावित यूजी-पीजी फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। किसी कारणवश कोई परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता है तो ऐसे छात्रों को विशेष परीक्षा देने का मौका मिलेगा।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नई गाइडलाइन में सभी विवि से छात्र हित में बाद में अलग से विशेष परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। 

यूजीसी ने विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं के लिए पूर्व की गाइडलाइन को संशोधित कर नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें सभी विवि से यूजी-पीजी के फाइनल सेमेस्टर के छात्रों की परीक्षा आवश्यक रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही विशेष परीक्षा का प्रावधान भी किया है। इसके अनुसार यदि कोई छात्र किन्ही कारणों से फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाता तो उसे संबंधित कोर्स या पेपर के लिए स्पेशल परीक्षा में सम्मलित होने का अवसर देना होगा।

जिससे छात्र को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। हालांकि यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को यह परीक्षा अपनी सुविधानुसार संभव होने पर आयोजित करने की छूट दी है। 

केवल इसी सत्र पर लागू 
विशेष परीक्षा का यह प्रावधान केवल वर्तमान शैक्षिक सत्र 2019-20 में ही एक बार के लिए लागू होगा। भविष्य में छात्र इस प्रावधान का हावाला देकर किसी भी तरह की कोई विशेष परीक्षा की मांग नहीं कर पायेंगे। 


यूजीसी का विशेष परीक्षा कराने का प्रावधान आवश्यक और छात्रहित में है। महामारी के कारण कोई छात्र-छात्राएं परीक्षा से वंचित होते हैं तो उन्हें लाभ मिलेगा। हम भी छात्रों को इस तरह से बाद में एक अवसर देने पर विचार कर रहे थे। -डॉ. एनएस चौधरी, कुलपति, उत्तराखंड तकनीकी विवि


सत्र शुरू होने पर ही छात्रसंघ चुनाव पर निर्णय लेंगे : मंत्री
देहरादून। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि एमएचआरडी और गृह मंत्रालय की गाइडलाइन आने के बाद उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। कहा कि छात्रसंघ चुनाव पर अभी कोई विचार नहीं हुआ है। नया सत्र शुरू होने पर ही चुनाव पर निर्णय किया जाएगा।  

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