सोमवती अमावस्या:हरकी पैड़ी में नहीं हुआ स्नान, 21 से हो सकेगा कर्मकांड

उत्तराखंड

इतिहास में पहली बार सावन की सोमवती अमावस्या का हरकी पैड़ी पर स्नान नहीं हो सका। पुलिस की ओर से हरकी पैड़ी को पहले ही सील किया गया था।

स्थानीय लोगों ने हरकी पैड़ी की बजाएं अन्य घाटों पर गंगा स्नान किया। जबकि सोमवती अमावस्या के लिए लगाई गई धारा 144 का कई गंगा घाटों पर उल्लंघन होता दिखाई दिया।

मंगलवार से हर की पैड़ी पर पहले की तरह व्यवस्था की जाएगी। कर्मकांड को आने वाले यात्री और स्थानीय लोगों को हरकी पैड़ी जाने दिया जायेगा।

सोमवार को धर्म नगरी में होने वाले सोमवती अमावस्या के स्नान को रद्द करने के साथ ही पुलिस प्रशासन की ओर से हरिद्वार की सीमाओं को सील किया गया था।

कोरोना महामारी के कारण पहली धर्मनगरी में सोमवती अमावस्या के दिन सन्नाटा पसरा रहा। हरकी पैड़ी पर जहां इस दिन कई लाख लोग गंगा स्नान को करते थे।

वहां एक भी यात्री और स्थानीय लोग नहीं दिखाई दिए। हरकी पैड़ी को रविवार की सुबह ही सील किया जा चुका था। बकायदा 50 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी हर की पैड़ी पर लगाई गई थी।

हरकी पैड़ी चौकी, सीसीआर टावर, संजय पुल, भीमगोडा, कांगड़ा घाट, मालवीय घाट, सुभाष घाट, अस्थि प्रवाह घाट पर बैरियर लगाए गए थे।

जहां पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी। सोमवार की सुबह सीओ सिटी डॉ. पूर्णिमा गर्ग ने मोर्चा संभाला और सुबह ही हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया।

कुछ स्थानीय लोग हरकी पैड़ी पर स्नान करने के लिए आने लगे तो उनको भीमगोडा और हरकी पैड़ी से ही वापस लौटाया गया।

उत्तरी हरिद्वार के लोगों ने सर्वानंद घाट और शिव की पौड़ी पर गंगा स्नान किया। जबकि कनखल के लोगों ने सती घाट पर स्नान किया।

वहीं मध्य हरिद्वार के लोगों ने प्रेम नगर घाट कश्यप घाट और गोविंद घाट में गंगा स्नान किया। इन घाटों पर धारा 144 का उल्लंघन होता हुआ भी नजर आया।

पुलिस का मुख्य फोकस हरकी पैड़ी पर रहा। जहां पुलिस ने यात्री तो क्या स्थान ने लोगों को भी जाने नहीं दिया। 


पुलिस की ओर से धारा 144 का पूरी तरह पालन कराया गया है। हरकी पैड़ी को पूरी तरह सील रखा गया किसी भी यात्री या स्थानीय व्यक्ति ने हर की पैड़ी पर गंगा स्नान नहीं किया।
डॉ पूर्णिमा गर्ग, सीओ सिटी

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