बकरीद : उलमा बोले, नमाज-कुर्बानी में सोशल डिस्टेंस का सख्ती से करें पालन

उत्तराखंड

बकरीद का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा कोरोना के चलते प्रशासन ने मस्जिदों में 5 लोगों को नमाज अदा करने की अनुमति दी है। उधर, उलमाने में भी लोगों से अपील की है कि वह प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें। शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने कहा कि कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंस का पूरा पालन करें और घरों में ही नमाज अदा की जाए। 

वहीं, कुर्बानी के दौरान भी सोशल डिस्टेंस अपनाई जाए और अवशेषों को दबा दिया जाए।  बेवजह कहीं बाहर ने घूमें। दूर से ही मुबारकबाद पेश करें। शहर मुफ्ती मोहम्मद सलीम अहमद कासमी ने भी संदेश जारी कर लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है ।उधर पुलिस-प्रशासन ने तमाम मोहल्लों में पुलिस बल तैनात कर पर्व को सकुशल संपन्न कराने की बात कही है। वहीं देर शाम तक मुस्लिम बहुल इलाकों में बकरों की खरीदारी कुर्बानी के लिए होती रही।  हालांकि इस बार कम ही बकरे यहां पर बिक्री के लिए आए हैं। 

शहर काजी मौलाना मोहम्मद कासमी, शहर मुफ़्ती सलीम अहमद कासमी, इमाम संघटन के अध्यक्ष मुफ़्ती रईस कासमी कहते है कि कुर्बानी-नमाज में सोशल डिस्टेंस का पालन किया जाए। जैसे रमजान, ईद उल फितर में जज्बा दिखाया है, उसी तरह इस बार भी जज्बे के साथ कोरोना से लड़ाई में अपना सहयोग दे।

नायब सुन्नी शहर क़ाज़ी सैयद अशरफ़ हुसैन क़ादरी, शिया इमाम मौलाना शहंशाह हुसैन जैदी, चांद कमेटी सदस्य मुफ़्ती ताहिर, मदरसा एसओ के सचिव मौलाना शाहनजर ने कहा कि सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपने घरों पर क़ुरबानी करें, सार्वजनिक और खुली जगहों पर क़ुरबानी हरगिज़ न करें। कुर्बानी के जानवर के अवशेषों को खुली जगहों पर न डालकर किसी गढ्ढे में दफ़न कर दें, कुर्बानी का ख़ून नालियों में न बहाया जाये।

क़ुरबानी से पहले जानवर की कोई फ़ोटो या वीडियो या क़ुरबानी के बाद की कोई फ़ोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर बिल्कुल न डालें, अपने मोहल्लों में भीड़ न लगने दें और ज़्यादा से ज़्यादा सफ़ाई की व्यवस्था रखें मास्क लगा कर रखें, मस्जिद में ईदुल अजहा की नमाज़ पढ़ने के लिए प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पालन करें। 

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