कंधे पर ही पैदल अस्पताल पहुंचाया शव

उत्तराखंड

पिथौरागढ़- पहाड़ों पर भारी बारिश ने भूस्खलन जैसी समस्या उत्पन्न कर दी है जिस वजह से पहाड़ों पर जगह-जगह मलबा गिरने के सड़कें लंबे समय से बंद है वहीं पिथौरागढ़ में भारी बारिश के कारण आई आपदा से उच्च हिमालयी क्षेत्रों से संपर्क भंग है। पहाड़ से ऐसे में जहां वाहनों का आवागमन नहीं हो पा रहा है लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

पिछले माह उच्च हिमालयी क्षेत्र लास्पा गाड़ी में पहाड़ से पत्थर आने के कारण एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। 23 अगस्त को आईटीबीपी के जवान 45 किमी पैदल चलकर कंधे पर डोली में लेकर इलाज के लिए मुनस्यारी लाए। ऐसे ही पत्थर की चपेट में आकर जब पोनी पोर्टर का काम करने वाले युवक की मौत हो गई तो उसके शव को भी आईटीबीपी के जवानों ने कंधे पर ही पैदल मुनस्यारी पहुंचाया।

इलाज के लिए तड़प रही थी महिला

पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिलालयी और दुर्गम क्षेत्र लास्पा गाड़ी में रेखा देवी पत्नी लक्ष्मण राम पहाड़ से गिरे पत्थर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी। चीन सीमा से लगे उच्च हिमालयी इस गांव में घायल महिला के उपचार की कोई व्यवस्था नहीं थी। लास्पा से मुनस्यारी तक का 45 किमी मार्ग भारी बारिश के कारण एक माह से ध्वस्त है।

ग्रामीणों के अनुरोध पर आइटीबीपी जवानों अपनी जान को जोखिम में डालते हुए टूटे फृटे दुर्गम मार्ग से मुनस्यारी मार्ग तक पहुंचाया। जहां से महिला को जिला अस्पताल लाया गया। वहीँ आईटीबीपी के जवानों ने जिले के तहसील बंगापानी के मवानी दवानी गांव निवासी भूपेंद्र सिंह पुत्र गोविंद सिंह राणा जो पोनी पोर्टर का काम करता था का शव अस्पताल पहुचाया।

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